युवती के अपहरण मामले में बराला ने पुलिस पर बनाया था दबाव: दुष्यंत चौटाला

11th August 2017 | jansandesh.in

छोटे बैंकों के विलय के प्रभावों से निपटने को तैयार रहे केंद्र सरकार

इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने छोटे बैंकों को बड़े बैंकों में विलय का प्रभाव हमारी अर्थव्यवस्था पर पडऩे की आशंका जताई है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार से इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए तैयार रहने का सुझाव दिया है। दुष्यंत चौटाला लोकसभा में स्टेट बैंक्स अमेंडमेंट बिल पर चर्चा में भाग ले रहे थे। उन्होंने लोकसभा में स्टेट बैंक्स अमेंडमेंट बिल- 2017 का समर्थन करते हुए सरकार के सामने प्रश्न भी खड़े किए। इनेलो सांसद ने कहा कि स्टेट बैंक में अन्य बैंकों के विलय का प्रभाव आने वाले दिनों में हमारी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। सांसद ने वित्त मंत्रालय से पूछा कि क्या विलय के बाद सरकार के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है क्यूंकि 2008 में विलय के बाद इसके बुरे प्रभाव देखने को मिले थे विलय के बाद छोटे-छोटे बैंकों का एनपीए बड़े बैंक में जुडऩे से इसके बढऩे की आशंका है सांसद दुष्यंत ने सरकार से विलय के बाद स्टेट बैंक को आने वाली परेशानियों के लिए पूरा सहयोग देने की भी मांग की

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे के चंडीगढ़ प्रकरण को लेकर इनेलो संसदीय दल के नेता ने लोकसभा में हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ने प्रदेशाध्यक्ष बराला के भतीजे द्वारा एक नाबालिग युवती की अपहरण के मामले में भी लोकसभा में प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। सांसद ने इस मामले में केंद्र सरकार से एक उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की है। 

सांसद दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में कहा कि हरियाणा की धरती से बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान देश भर में चलाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ में हरियाणा के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के पुत्र विकास का ‘बेटी डराओ-बेटी उठाओ’ का प्रसंग सामने आता है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 8 मई को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के भतीजे द्वारा एक  नाबालिगयुवती के अपहरण मामले भी सामने आया था। इनेलो सांसद ने सदन में कहा कि बराला ने पुलिस पर दबाव डाल कर इस मामले को दबाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार हमारी बेटियों को डराने का काम कर रही है। उन्होंने इस मामले में सीएम द्वारा दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि छड़े मलंग क्या जानें बेटियों की इज्जत। उन्होंने वर्णिका छेड़छाड़ मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा विभिन्न कानून की धाराएं लगाने में हुई देरी की भी जांच की मांग की।



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