भाजपा में सम्मान नहीं विधायक ने भी माना: दिग्विजय चौटाला

17th August 2017 | jansandesh.in

भारतीय जनता पार्टी की दमनकारी नीतियों के कारण जहां हर आम आदमी परेशान है वहीं अब तो खुद इनके विधायक भी सम्मान पाने को तरस गए हैं। यह बात इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष दिज्विजय सिंह चौटाला ने आज यहां जारी बयान में कही। 

चौटाला ने कहा कि आम लोगों को अच्छे दिनों के सपने दिखाकर सत्ता में आई भाजपा सरकार के स्वयं विधायक ही अच्छे दिन नहीं देख पा रहे। उनका इशारा 15 अगस्त पर उनके कार्यक्रम के दौरान बवानीखेड़ा विधायक की स्वयं भाजपा के द्वारा की गई फजीहत की ओर था। दिग्विजय ने आम आदमी को विधायक का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भाजपा स्वयं के विधायकों को सम्मान नहीं दे पा रही तो वह आम आदमियों की परेशानियों को कैसे दूर करेगी। सत्ता के लोभी भाजपा ने हमेशा दमनकारी नीतियों को अपनाया है। चाहे धर्म, मजहब के नाम पर दंगे हो या जात पात के नाम पर राजनीति। भाजपा अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। दिग्विजय ने भाजपा विधायक को सलाह देते हुए कहा कि जब व्यक्ति का स्वाभिमान ही खो जाए तो विधायकी किस काम  की। इसलिए बवानीखेड़ा विधायक को तुरंत अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए। इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यक्रम के दौरान करंट लगने से नगरपरिषद कर्मचारी सचिन की आकस्मिक मृत्यु पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि आज कर्मचारियों को अपने हकों के लिए रोड़ जाम करने पड़ रहे हैं। भिवानी में नगरपरिषद कर्मचारी की दर्दनाक मृत्यु पर इन्साफ पाने के लिए सचिन के परिजनों को रोड़ जाम तक करना पड़ा तब कही जाकर प्रशासन की आंखे खुली। चौटाला ने कहा कि इन सब बातों से प्रदेश के अंदर जंगलराज का पता चलता है। आम आदमी को अपने हकों के लिए रोड़ जाम करने पड़ रहे हैं। जबकि सरकार के मंत्री केवल भाषणों में समय बर्बाद कर रहे हैं। मृतक सचिन के परिजनों को  वित्तमंत्री कैप्टन अभिन्यु के द्वारा मात्र एक लाख रूपए की घोषणा करना मृतक के प्रति सही न्याय नहीं है क्योंकि यह हादसा तब हुआ जब वित्तमंत्री भीम स्टेडियम में मौजूद थे। वहीं बाहर कर्मचारी सचिन काम करने में व्यस्त था और इसी दौरान यह हादसा हो गया, लेकिन इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन ने मृतक के परिजनों द्वारा कठोर कदम उठाए जाने पर आर्थिक सहायता की। वह भी छोटी मोटी ही की। दिग्विजय चौटाला ने पूरे प्रकरण को देखते हुए कहा कि आज कर्मचारी से लेकर विधायक तक अपने स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहा है। जातपात की  ठेकेदार इस सरकार के कारण हरियाणा प्रदेश ही नहीं बल्कि भारत वर्ष 20 साल पीछे चला गया है। 



अन्य ख़बरें