मुख्यमंत्री ने जनता से विश्वासघात किया: अभय सिंह चौटाला

19th July 2017 | jansandesh.in

चंडीगढ़, 19 जुलाई: नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि बिजली की दरों में वृद्धि करके मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपना वह वादा तोड़ दिया जिसमें उन्होंने स्वयं हरियाणा विधानसभा में किया था कि उनके कार्यकाल में बिजली की कोई दरें नहीं बढ़ेंगी तथा वे बिजली सस्ती करेंगे। लेकिन 1 जुलाई से प्रदेश में बढ़ी हुई बिजली दरें लागू होंगी इसलिए सीएम ने प्रदेश की जनता से विश्वासघात किया है। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर बढ़ी हुई बिजली की दरें लागू करके उनकी जेबों पर डाका डालने का काम किया है।

इनेलो नेता ने कहा कि उनको आशंका है कि हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अधिकारियों पर कहीं न कहीं दबाव डालकर सरकार ने यह अनुचित काम करवाया है, नहीं तो हर कोई यह जानता है कि आज कोयले और डीजल के दाम घटे हैं तथा केंद्र सरकार खुद यह दावा करती है कि कोयले की गुणवत्ता में भी भारी सुधार हुआ है। इनेलो नेता ने बताया कि केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल स्वयं यह बात कहते हैं कि इससे अब बिजली का उत्पादन बहुत सस्ता हुआ है। जब सारे देश में बिजली सस्ती है तो फिर हरियाणा में बिजली महंगी क्यों की गई ? प्रदेश में बिजली की दरें बढऩे से यहां नए उद्योग लगना तो बहुत दूर की बात है जो यहां पहले से लगे हुए हैं वे भी यहां से पलायन कर सकते हैं।

नेता विपक्ष ने कहा कि उनको पहले से अंदेशा था कि सरकार फ्यूल सरचार्ज एडजेस्टमेंट (एफएसए) के खेल में बिजली की दरें बढ़ा सकती है और सरकार ने वही जनविरोधी फैसला किया है। सरकार कहती है कि उन्होंने एक जुलाई से 28 पैसे प्रति यूनिट सरचार्ज घटा दिया और अब 37 पैसे ही एफएसए रह गया है। उन्होंने कहा कि एफएसए किस बात का जब बिजली ही ज्यादातर बाहर से प्राइवेट बिजली कंपनियों से ली जा रही है और अपने प्लांट तो अधिकतर समय बंद ही रहते हैं। ऐसे में एफएसए लेने का तो प्रश्र ही पैदा नहीं होता?

चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह सरकार प्राइवेट बिजली कंपनियों से और कई महंगे पावर प्रचेज एग्रीमेंट (पीपीए) करके बिजली उपभोक्ताओं की कमर तोडऩा चाहती है, जबकि खुद सरकार यह दावा करती है कि बिजली सरप्लस है, लेकिन ग्रामीण उपभोक्ताओं को मुश्किल से दो घंटे ही बिजली मिलती है। उन्होंने कहा कि बिजली की दरों में भारी वृद्धि करके सीएम जनता के बीच में झूठे साबित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 25 से 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी होने से महंगाई और अधिक बढ़ेगी तथा इससे व्यापारियों, उद्यमियों और घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका भारी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इनेलो बिजली दरों में की गई भारी वृद्धि के खिलाफ सडक़ों पर उतरेगी। इनेलो नेता ने कहा कि बिजली कंपनियों के कुप्रबंधन की मार उपभोक्ता क्यों वहन करे? बिजली की दरों में की गई वृद्धि से आज प्रदेश के 58 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं लेकिन सरकार को जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है।



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