सरकार ने SEZ को पिछले वित्तीय वर्ष में 56,418 करोड़ की टेक्स छूट दी

12th April 2017 | jansandesh.in

सोमवार को संसद में सरकार ने सूचित किया है कि विशेष आर्थिक क्षेत्र(SEZ-Special Economics Zone) के पिछले वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों का 56, 418 करोड़ रुपए टेक्स रद्द कर दिया है. वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण के लोकसभा में लिखित उत्तर में दिए आंकड़ों के मुताबिक पूरे 2015-16 में, इन क्षेत्रों को 52,216 करोड़ रुपये की ड्यूटी छूट दी गई थी. उन्होंने कहा कि 31 जनवरी को समाप्त हुए अप्रैल-दिसंबर के दौरान इन क्षेत्रों से 3.58 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था. पूरे वित्तीय वर्ष 2015-16 में निर्यात 4,67,337 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था.
उन्होंने कहा कि तारीख के अनुसार, 109 एसईजेड डेवलपर्स ने कुछ राज्यों में अपनी परियोजनाओं को रद्द करने की मांग की है, क्योंकि डेवलपर्स ने पाया है कि बदलते आर्थिक हालातों में  इन परियोजनाओं को लागू रखना मुश्किल है. महाराष्ट्र में 28 ज़ोन रद्द किए गए, इसके बाद तेलंगाना में 14 और तमिलनाडु में 10 को रद्द कर दिया गया.

एसईजेड कुछ कर छूट का आनंद तो लेते ही हैं, जिनमें पहले पांच वर्षों के लिए निर्यात आय पर 100 प्रतिशत आयकर छूट और अगले पांच वर्षों में 50 प्रतिशत का छूट होती है. एक अलग सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार इन देशों के अपने आईटी पेशेवरों की बेहतर पहुंच के लिए अमेरिका और ब्रिटेन प्रशासन को जारी रखती रही है. उन्होंने कहा, "भारत ने विश्व व्यापार संगठन के विवाद निपटान निकाय में वीजा शुल्क में वृद्धि पर भी मामला उठाया है". मांस निर्यात पर एक अलग सवाल के लिए, मंत्री ने कहा कि अप्रैल-जनवरी के दौरान पिछले वर्ष मांस निर्यात 22,074 करोड़ रुपये रहा था. 2015-16 में निर्यात 27,610 करोड़ रुपये पर एकत्र हुआ था.

वर्तमान विदेशी व्यापार नीति के अनुसार, उन्होंने कहा कि सभी निर्यात उन्मुख मांस प्रसंस्करण संस्थानों को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के साथ पंजीकृत होना जरूरी है. 81 कंपनियों या फर्म मांस प्रसंस्करण और देश में इसके निर्यात में लगे हुए हैं.



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