छात्र संघ के चुनावों को करवाने के लिए इनसो करेगी अनिश्चितकालीन हड़ताल : दिग्विजय सिंह चौटाला

16th August 2017 | jansandesh.in

छात्र संगठन इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि छात्र संघ के चुनाव कराने को लेकर गूंगी बहरी बन चुकी हरियाणा सरकार को चेताने के लिए इनसो 21 अगस्त से प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित सभी 12 विश्वविद्यालयों के गेटों पर ताला जड़कर और  अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करके उसे ये चुनाव कराने के लिए बाध्य करेगी। 

वे सोमवार को चौटाला हाउस में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा समय-समय पर प्रदेश के छात्र समुदाय को छात्र संघ के चुनाव कराने बार सब्जबाग दिखाते रहेे हैं, मगर अब वे अपने वायदे से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता संभालने से पूर्व भाजपा ने अपने घोषणापत्र में हरियाणा में छात्र संघ के चुनाव कराने का वायदा किया था जिसे वह अपने करीब ढाई तीन साल के शासन में पूरी तरह से भूल चुकी है। उन्होंने कहा कि लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा छात्र संघ के चुनावों पर मोहर लगाने से इस बात पर बल मिला था कि ऐसे चुनाव कराए जाने से किसी भी प्रकार से कॉलेज और विश्वविद्यालयों में असामाजिक तत्वों को आश्रय नहीं मिलेगा। इसी आधार पर हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली आदि प्रदेशों में छात्र संघों के चुनाव शांतिपूर्वक कराए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इनसो अब शिक्षामंत्री से कोई बात नहीं करेगा और जब तक इस मामले में स्वयं मुख्यमंत्री छात्र संघों के चुनावों की घोषणा नहीं करते तब तक इनसो न तो अपना अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करेगी और न ही इस मांग से पीछे हटेगी।

दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि बीती 5 अगस्त को सोनीपत में इनसो की ओर से आयोजित स्थापना दिवस में उमड़ी हजारों युवाओं की भीड़ इस बात को सिद्ध करता है कि प्रदेश की युवा शक्ति इस बात के पक्ष में है कि छात्र संघ के चुनाव अविलंब कराए जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश में सत्तासीन हुए 1 हजार दिन पूरे होने के बावजूद छात्रों की मूल मांग के प्रति अनदेखी का अर्थ सीधे तौर पर युवाओं के प्रति सरकार का उदासीन होना है। दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि वे स्वयं मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से मिले हैं और उन्होंने तय समय सीमा में ही इसे पूरा करने का आश्वासन दिया था जो अब तक केवल आश्वासन ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में किसी प्रकार का संवाद नहीं होगा, बल्कि अपना अधिकार छीना जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि छात्र राजनीति को किसी भी प्रकार से पूंजीपतियों के हाथों नहीं जाने दिया जाएगा। इसी राजनीति से देश के किसान, गरीब, मजदूरों का नेतृत्व करने वालों का उदय होता है और इनसो इसकी प्रबल पक्षधर है। उन्होंने कहा कि वे सरकार की कार्यशैली से मायूस हैं मगर कमजोर नहीं। उन्होंने कहा कि इनसो सीधे चुनाव कराने की पक्षधर है और यदि प्रदेश का कोई अन्य छात्र संगठन उनकी इस मांग के समर्थन में आता है तो वे उसका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में इनसो की कल्याणकारी छात्र नीतियों के दृष्टिगत संगठन में युवाओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है जिसमें छात्राओं की संख्या उल्लेखनीय है। 

इस अवसर पर हिसार के सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवालिए निशान लगाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे की ओर से चंडीगढ़ में एक बेटी से किए गए दुव्र्यवहार को देखते हुए पूरी पार्टी के चाल, चरित्र और चेहरे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद के टोहाना में भी एक आपराधिक मामले में सरकार में बैठे लोगों का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में ही धार्मिक और जातिगत विचारों से उत्पन्न हिंसात्मक घटनाएं दर्शाती हैं कि इस शासन में कानून कहीं अपना काम करता नजर नहीं आता। बहन बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं और इसका ज्वलंत उदाहरण गुरुग्राम जिला है जहां अल्प समय में बलात्कार के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए हैं। इस अवसर पर इनेलो के प्रेस प्रवक्ता तरसेम मिढा, सहप्रवक्ता महावीर शर्मा, डॉ. हरिसिंह भारी, डॉ. राधेश्याम शर्मा मौजूद थे। 



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