पंजाब से राजनीति के बादल छ्टे  

10th March 2017 | jansandesh.in

पांच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आए एग्जिट पोल के मुताबिक पंजाब में शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन का सूपड़ा साफ़ होता दिखाई दे रहा है. 117 सीटों वाली पंजाब विधानसभा में अकाली- बीजेपी गठबंधन को एग्जिट पोल में महज 10 सीटों के आसपास दिखाया गया है. जो सत्ताधारी दल के लिए बहुत बड़ा झटका है. 

हालाँकि, एक दशक से पंजाब की सत्ता में काबिज अकाली-बीजेपी सरकार के खिलाफ लोगों का रोष कोई एक दिन में नहीं बना है, बल्कि इसकी शुरुआत पंजाब में बढ़ते नशे के कारोबार के साथ ही हो गई थी. नशा मुक्त पंजाब का सपना दिखाकर सत्ता  में आई मौजदा सरकार के कार्यकाल में आज पंजाब देश का पहला नशायुक्त राज्य बन गया. बतौर रिपोर्ट्स, आज पंजाब में नशे का कारोबार देश के अन्य राज्यों से सबसे ज्यादा है. मीडिया खबरों के अनुसार सरकार के ही कुछ मंत्री नशे के व्यापार में शामिल बताए गए है. लिहाजा पंजाब को नशा मुक्त करने का वादा कर सत्ता में आई मौजूदा सरकार आज खुद ही पंजाब के युवाओं को नशें की लत में जकड़ कर लोगों के विरोध का मुख्य कारण बन गई है.  

तकरीबन सभी एक्जिट पोल के मुताबिक पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में से किसी एक दल के सरकार बनाने की भविष्यवाणी की जा रही है.



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