सुभाष बराला के खिलाफ भी षड्यंत्र रचने का केस दर्ज हो : अभय चौटाला

9th August 2017 | jansandesh.in

हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला अपने बेटे विकास की करतूतों को घटना के पहले दिन से ही संरक्षित किया है, ऐसे में न केवल आरोपी विकास और उसके दोस्तों बल्कि स्वयं सुभाष बराला के खिलाफ भी षड्यंत्र रचने की धारा 120 बी और आरोपी को संरक्षण देने के मामले में धारा 212 और 216 के तहत केस दर्ज करना चाहिए। 

वे बुधवार को डबवाली रोड स्थित अपने आवास पर मीडिया से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सभी समाचार पत्रों और चैनल्स पर भाजपा के नेता अलग-अलग बयान देकर प्रश्र उठा रहे हैं कि आखिर वर्णिका कुंडू रात को सड़क पर क्या कर रही थी, मगर कोई भी भाजपा नेता यह बताने को तैयार नहीं कि आखिर विकास बराला और उसके साथियों को रात साढ़े 12 बजे शराब के नशे में लड़की की कार का पीछा क्यों कर रहे थे और उन्होंने उसका अपहरण करने का प्रयास क्यों किया? अभय चौटाला ने पुरजोर शब्दों में कहा कि इस गंभीर मसले पर मुख्यमंत्री भी सुभाष बराला को बचाते नजर आ रहे हैं क्योंकि उनका स्वयं का परिवार तो नहीं है, ऐसे में बेटी के साथ हुए गंभीर मामले की पीड़ा को वे कैसे महसूस करेंगे? इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा के छोटे बड़े नेता सभी मिलकर पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाए हुए हैं कि वे किसी न किसी प्रकार उन धाराओं को मामले से अलग रखें जिसमें विकास बराला और उसके साथी गैर जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार होते हैं। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि वे इस गंभीर मसले पर हरियाणा के राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। यदि इस पर भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया तो उनकी पार्टी की आगामी 15 अगस्त को दिल्ली में राज्य कार्यकारिणी की बैठक है जिसमें फैसला लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर पीडि़त बेटी वर्णिका कुंडू को इंसाफ दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा बेशक सार्वजनिक मंचों पर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के नारे लगाती है मगर अब उन्होंने ऐसी घटनाओं से स्पष्ट कर दिया है कि उनका सही नारा बेटी उठाओ, बेटा बचाओ है। इनेलो नेता ने कहा कि सुभाष बराला के पोते की ओर से भी गांव में एक नाबालिगा से रेप कर उसे व उसके परिवार को दबाव में बनाए रखा मगर अब चूंकि यह मामला अदालत में चला गया तो उम्मीद बंधी है कि पीडि़ता को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने सुभाष बराला के पोते को ठीक घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार किया होता तो आज विकास बराला जैसे युवाओं की हिम्मत भी नहीं होती कि वह किसी बहन बेटी का पीछा करके ऐसी आपराधिक कोशिश करे। इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस के दस सालों के शासन के दौरान अपराध काफी बढ़ा था मगर हैरानीजनक और चिंतानजक यह है कि भाजपा के शासन में बलात्कार जैसे घिनौने अपराध में हरियाणा नंबर वन है। उन्होंने कहा कि ये मामला पूरी तरह से नैतिकता पर आधारित है और इसमें केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों को एक साथ सामने आकर पीडि़ता को न्याय दिलाना चाहिए। अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश के सामाजिक संगठनों और लोगों को भी इस मामले में पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकालना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जो भाजपा नेता आज वर्णिका कुंडू को अपनी बेटी जैसा बता रहे हैं, उनसे कोई यह पूछे कि यदि उनकी खुद की बेटी से ऐसी घटना हो तो उस हालात में उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी? उन्होंने इस बात का हवाला दिया कि पीडि़ता के बयान के बावजूद धारा 511 और 365 की गैर जमानती धाराएं हटा दी गई जो सीधे तौर पर यह दर्शाती हैं कि पुलिस पर राजनीतिक दबाव डालकर उपरोक्त धाराएं हटा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय चैनल पर वर्णिका के पिता ने स्पष्ट कहा है कि इस मामले में सुभाष बराला ने उनसे फोन पर 6 बार संपर्क कर इस मामले में समझौता करने का दबाव बनाया है, ऐसे में यह बनता है कि सुभाष बराला अपने पद से इस्तीफा सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता के मद में किसी भी राजनेता का बेटा प्रदेश की बेटियों से ऐसी हरकत करेगा तो ऐसे में ये कल्पना करना भी कठिन हो जाएगा कि कोई साधारण परिवार की बेटी सुरक्षित रह पाएगी। इस अवसर पर उनके साथ इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, सिरसा के विधायक मक्खनलाल सिंगला, रानियां के विधायक रामचंद्र कंबोज, इनेलो महिला विंग की जिलाध्यक्ष कृष्णा फौगाट, सहप्रवक्ता महावीर शर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद थे। 



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